गुरुवार, 22 जनवरी 2009
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जिज्ञासु समर्पण, कवि परिचय, प्रस्तावना एवं वंदना
जिज्ञासु डॉ . बृजमोहन मिश्र समर्पण पूज्या माता स्वर्गीया मंगला देवी एवं पूज्य पिता श्री रामू लाल मिश्र को ...
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सप्तमी वीथिका पथ प्रदर्शक अनुशरण में शांति थी मन हर्ष था नहीं शंका , भीति , चिंता का कहीं स्पर्श था वेणु के मृदु ...
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प्रथम वीथिका भाद्रपद की कृष्ण कलुषित चंद्रहीना रात निशा घन मण्डित विकट थी हो रही बरसात यामिनी जब रह ...
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